जोशीमठ भू-धंसाव पर बड़ा फैसला, पुराने मकानों का सर्वे शुरू; जोखिम वाले भवनों की होगी पहचान

चमोली: उत्तराखंड के जोशीमठ (ज्योतिर्मठ) में लगातार भू-धंसाव की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शहर के पुराने मकानों का व्यापक सर्वे शुरू कर दिया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन-से भवन सुरक्षित हैं और किन इमारतों पर भू-धंसाव का खतरा बना हुआ है। यह सर्वे भविष्य की पुनर्वास और सुरक्षा योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगा।
प्रशासन के अनुसार सर्वे के दौरान विशेषज्ञों की टीम पुराने मकानों की संरचनात्मक स्थिति, दीवारों और फर्श में आई दरारों तथा भवनों की स्थिरता का आकलन करेगी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जोखिम वाले भवनों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाने की भी तैयारी है।
अधिकारियों का कहना है कि भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जा रही है। मानसून के दौरान लगातार बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके। स्थानीय लोगों से भी प्रशासन के साथ सहयोग करने और सर्वे टीम को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की गई है।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में जोशीमठ में भू-धंसाव की घटनाओं के बाद सैकड़ों मकानों में दरारें आ गई थीं, जिसके चलते कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा था। अब नए सर्वे के जरिए पुराने भवनों की स्थिति का दोबारा आकलन कर दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।



