सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश: हर सड़क पर पैदल यात्रियों के लिए अतिक्रमण मुक्त जगह सुनिश्चित करे केंद्र

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को देशभर की सभी सड़कों पर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त स्थान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि जहां भी सड़क हो, वहां पैदल चलने वालों के लिए अलग और स्पष्ट रूप से चिन्हित जगह होना आवश्यक है, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।
न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा। अदालत ने स्पष्ट किया कि इसके लिए बड़े निर्माण कार्य या भारी निवेश की आवश्यकता नहीं है, बल्कि पैदल मार्ग का स्पष्ट सीमांकन कर उसे अतिक्रमण से मुक्त रखा जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पैदल चलने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकारों की जिम्मेदारी है। यदि फुटपाथ और पैदल मार्ग सुरक्षित नहीं होंगे, तो लोगों को सड़क पर चलना पड़ेगा, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। अदालत ने पैदल यात्रियों के अधिकारों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। इस दौरान केंद्र सरकार से अपेक्षा की गई है कि वह पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित, स्पष्ट रूप से चिह्नित और अतिक्रमण मुक्त स्थान सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी अदालत को दे। यह आदेश देशभर में सड़क सुरक्षा और पैदल यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



