चंडीगढ़ भाजपा में बढ़ी अंदरूनी कलह, मेयर के खिलाफ खुलकर आए पार्षद; संगठन तक पहुंचा विवाद

चंडीगढ़: चंडीगढ़ भाजपा में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। पार्टी के कई पार्षदों ने मेयर के कामकाज और नेतृत्व शैली पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई है। बताया जा रहा है कि पार्षदों ने अपनी शिकायत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और संगठन तक पहुंचाई है, जिससे स्थानीय इकाई में सियासी हलचल तेज हो गई है.
सूत्रों के अनुसार, नाराज पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में उन्हें विश्वास में नहीं लिया जा रहा है। उनका कहना है कि विकास कार्यों, प्रशासनिक निर्णयों और संगठनात्मक समन्वय को लेकर लगातार असंतोष बना हुआ है। इसी वजह से कई पार्षदों ने सामूहिक रूप से अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
भाजपा संगठन अब इस विवाद को शांत कराने की कोशिश में जुट गया है। पार्टी नेतृत्व दोनों पक्षों से बातचीत कर मतभेद दूर करने का प्रयास कर रहा है ताकि नगर निगम और संगठन की कार्यप्रणाली पर इसका असर न पड़े। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नगर निगम चुनावों और भविष्य की राजनीतिक रणनीति को देखते हुए पार्टी इस विवाद को जल्द समाप्त करना चाहती है।
हालांकि, भाजपा की ओर से आधिकारिक रूप से किसी बड़े मतभेद से इनकार किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि संगठन में समय-समय पर विचार-विमर्श होता रहता है और सभी मुद्दों का समाधान आपसी संवाद के माध्यम से किया जाएगा। वहीं विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा की अंदरूनी कलह का संकेत बताते हुए राजनीतिक निशाना साध रहा है।



