चमोली: चट्टान टूटने से भदाकोटी गांव में दहशत, कई घरों में घुसा गदेरे का पानी; हाईवे बाधित

चमोली: मंडल घाटी के बैरागना ग्राम पंचायत के भदाकोटी गांव में सोमवार रात तेज बारिश के दौरान चट्टान टूटने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। पहाड़ी से टूटकर गिरे बोल्डर और मलबा गांव के पास बहने वाले गदेरे में पहुंच गया, जिससे उसका जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी कई घरों में घुस गया और ग्रामीणों को रातभर जागकर गुजारनी पड़ी।
ग्राम प्रधान सृष्टि राणा के अनुसार, भदाकोटी गांव में करीब 22 परिवार रहते हैं। बारिश के दौरान गांव के पीछे पहाड़ी से भूस्खलन हुआ और मलबा गांव की ओर आ गया। गदेरे का पानी पूर्व प्रधान महावीर सिंह राणा समेत कई ग्रामीणों के घरों में घुस गया। इससे घरों में रखा सामान भी खराब हो गया। गांव के करीब आठ आवासीय भवनों पर अब भी खतरा बना हुआ है।
राइंका बैरागना पर भी मंडरा रहा खतरा
भूस्खलन के बाद राजकीय इंटर कॉलेज बैरागना के भवन पर भी खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों की चिंता उस समय और बढ़ गई जब गदेरे में एक भारी-भरकम बोल्डर अटक गया। लोगों को आशंका है कि यदि बोल्डर खिसका तो इससे आसपास के क्षेत्र में नुकसान हो सकता है।
मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय पटवारी ने स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से बोल्डर हटाने के साथ ही चमोली-कुंड हाईवे पर पुलिया या कॉजवे बनाने की मांग की है।
मलबे से चमोली-कुंड हाईवे रहा बाधित
भूस्खलन के बाद बड़ी मात्रा में मलबा और बोल्डर चमोली-कुंड हाईवे पर आ गया था। इसके कारण मंगलवार को दिनभर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। मंडल क्षेत्र के छात्र-छात्राएं भी राइंका बैरागना नहीं पहुंच सके।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि एनएच की जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया। इसके बाद मंगलवार शाम करीब सवा पांच बजे हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया।
मत्स्य हैचरी में 100 से अधिक मछलियां मरीं
भूस्खलन का असर बैरागना स्थित मत्स्य पालन विभाग की हैचरी पर भी पड़ा। गदेरे में मलबा और बोल्डर आने से पानी की नहर का रुख बदल गया, जिसके चलते गंदा पानी हैचरी के तालाबों में पहुंच गया। इससे 100 से अधिक मछलियों की मौत हो गई।
मत्स्य निरीक्षक दीपक कुमार के मुताबिक, मलबे के कारण नहर को भी नुकसान पहुंचा है। जेसीबी की मदद से नहर में जमा मलबा हटाया गया है और मछलियों के मरने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।



