तिब्बत में बाढ़ की तबाही के बाद फिर भूकंप के झटके, 10 किमी गहराई में था केंद्र

तिब्बत: भीषण बाढ़ और तबाही से जूझ रहे तिब्बत में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। गुरुवार को आए भूकंप की तीव्रता 5.0 बताई गई है। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन के करीब 10 किलोमीटर नीचे था।
हालिया प्राकृतिक आपदा के बाद क्षेत्र में भूकंप के झटकों से लोगों और राहत-बचाव दलों की चिंता बढ़ गई है। कुछ दिन पहले ही तिब्बत और नेपाल की सीमा से लगे इलाकों में ग्लेशियर ढहने के बाद अचानक आई बाढ़ और मलबे के सैलाब ने भारी तबाही मचाई थी।
बाढ़ के बाद राहत अभियान में नई चुनौती
भूकंप ऐसे समय आया है जब तिब्बत और नेपाल में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है। हालिया आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। तिब्बत में चीन के अधिकारियों के अनुसार 21 लोगों की मौत हुई थी और 500 से अधिक लोग लापता थे।
बाढ़ के कारण सड़कें, पुल और बिजली परियोजनाओं समेत कई महत्वपूर्ण ढांचे क्षतिग्रस्त हुए हैं। दुर्गम पहाड़ी इलाकों में मलबा जमा होने और संपर्क मार्गों के प्रभावित होने से बचाव अभियान पहले ही चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
नेपाल-तिब्बत सीमा पर भीषण तबाही
26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास ग्लेशियर ढहने के बाद अचानक आई बाढ़ ने बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया था। पानी के साथ बर्फ, मिट्टी और चट्टानों का मलबा तेजी से नीचे आया, जिससे कई बस्तियों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा।
अब भूकंप के नए झटकों ने प्रभावित इलाकों में खतरे को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। राहत एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं पुनर्वास कार्य जारी हैं।



