उत्तराखंड: हर विकास प्राधिकरण में बनेगा अवैध निर्माण निगरानी डैशबोर्ड, सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में अवैध निर्माण पर निगरानी और कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए हर विकास प्राधिकरण में अवैध निर्माण निगरानी डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माण की पहचान से लेकर नोटिस, सीलिंग और ध्वस्तीकरण तक की पूरी प्रक्रिया की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाए।
GIS, सैटेलाइट और ड्रोन से होगी निगरानी
मुख्यमंत्री ने बुधवार को सीएम आवास में आवास विभाग के अधीन आने वाले विकास प्राधिकरणों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर अवैध निर्माण को शुरुआती स्तर पर ही चिह्नित किया जाए। इसके लिए जीआईएस, सैटेलाइट तस्वीरों और ड्रोन आधारित निगरानी की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
डैशबोर्ड में संदिग्ध निर्माण की पहचान, निरीक्षण की तारीख, जारी नोटिस, सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध रहेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी अवैध निर्माण के मामले में अधिकारियों की मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं
सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मास्टर प्लान, परियोजनाओं, नागरिक सुविधाओं, पार्किंग, आवासीय योजनाओं और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई समेत सभी कार्यों के लिए समयसीमा तय की जाए। संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी भी निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए।
15 अक्तूबर तक पूरा होगा सौंदर्यीकरण
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में सौंदर्यीकरण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। सभी विकास प्राधिकरणों के तहत आने वाले क्षेत्रों में इसी महीने से काम शुरू करने और 15 अक्तूबर तक सौंदर्यीकरण कार्य पूरा करने की समयसीमा तय की गई है। प्राधिकरणों के अधीन आने वाली सड़कों की स्थिति में भी तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
शहरों में सिटी पार्क और पिंक टॉयलेट अनिवार्य
बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी शहरों में सिटी पार्क और पिंक टॉयलेट की व्यवस्था अनिवार्य करने को कहा। जरूरत के अनुसार शहरी, अर्द्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी पिंक टॉयलेट विकसित किए जाएंगे। अगली समीक्षा बैठक तक इस लक्ष्य का करीब 70 प्रतिशत हासिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
पार्किंग के लिए PPP मॉडल पर बनेगी योजना
शहरी क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या को देखते हुए एमडीडीए और हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के माध्यम से पीपीपी मॉडल पर पार्किंग की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। इसके अलावा विकास प्राधिकरणों की वेबसाइट को भी नागरिकों के लिए अधिक सरल और उपयोगी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोग नक्शा स्वीकृति, शुल्क, नियमों और अन्य सेवाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें।
दो-तीन प्राधिकरण क्षेत्रों में लैंड पूलिंग का पायलट
मुख्यमंत्री ने दो या तीन विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लैंड पूलिंग योजना लागू करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। इसमें किसानों और भूमि मालिकों को मिलने वाले लाभ का स्पष्ट और पारदर्शी मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विकास प्राधिकरणों के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में भी नागरिक सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।



