हल्द्वानी: बनभूलपुरा अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला टला, शाम को मिलेगी नई तारीख; पुलिस बल तैनात

हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे भूमि पर अतिक्रमण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला एक बार फिर टल गया है। याचिकाकर्ता अब्दुल मतीन सिद्दीकी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी है। नई तारीख की आधिकारिक पुष्टि शाम तक होने की उम्मीद है। इस बीच बनभूलपुरा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह कड़ी रहेगी।
बनभूलपुरा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
संभावित फैसले को देखते हुए प्रशासन ने बनभूलपुरा क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पुलिस ने पूरे इलाके को दो सुपर जोन और चार जोन में बांटा है। यहां दो एसपी, पांच सीओ, 15 इंस्पेक्टर व एसओ, 10 चौकी प्रभारी, 45 पुरुष दरोगा, 10 महिला दरोगा समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पीएसी की दो कंपनियां और ड्रोन की दो विशेष टीमें भी निगरानी करेंगी।
संवेदनशील इलाकों में ड्रोन के जरिए छतों, गलियों और अन्य स्थानों पर नजर रखी जाएगी। अग्निशमन विभाग की चार यूनिट, यातायात पुलिस की चार टीमें, बम निरोधक दस्ता, हॉक पुलिस, टियर गैस, एंटी-रायट और फायरिंग स्क्वाड को भी तैनात किया गया है।
ईंट-पत्थर जमा करने वालों पर होगी कार्रवाई
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने कहा कि छतों पर ईंट, पत्थर, रोड़ी, मलबा या हथियार जमा कर उपद्रव की तैयारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सोशल मीडिया पर भी निगरानी रख रही है। अफवाह या भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
वीवीआईपी ड्यूटी से अलग रहेगी बनभूलपुरा की पुलिस
बुधवार को हल्द्वानी में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक भी हो रही है, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। इसके चलते पुलिस के सामने वीवीआईपी सुरक्षा और बनभूलपुरा की कानून-व्यवस्था दोनों की चुनौती है। हालांकि, बनभूलपुरा में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को वीवीआईपी ड्यूटी में नहीं लगाया जाएगा। वे केवल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।



