उत्तराखंड

उत्तराखंड में ई-फॉरेंसिक 2.0 की शुरुआत, थाने से लेकर जेल तक सब एक प्लेटफॉर्म पर

Listen to this News

उत्तराखंड में आपराधिक न्याय प्रणाली को डिजिटल और तेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश में ई-फॉरेंसिक 2.0 प्रणाली की शुरुआत कर दी गई है, जिससे अब पुलिस, फॉरेंसिक लैब, अदालत और जेल एक ही प्लेटफॉर्म से जुड़ गए हैं।

एक क्लिक पर मिलेगी पूरी जानकारी

नई व्यवस्था के तहत जैसे ही थाने में एफआईआर दर्ज होकर सिस्टम पर अपलोड होगी, उसकी जानकारी तुरंत फॉरेंसिक लैब और अन्य संबंधित विभागों तक पहुंच जाएगी। इससे पहले जहां रिपोर्ट आने में महीनों लग जाते थे, अब वही प्रक्रिया कुछ ही हफ्तों में पूरी हो सकेगी।

यह सिस्टम इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के अंतर्गत विकसित किया गया है। इसमें सीसीटीएनएस, ई-कोर्ट, ई-प्रिजन, अभियोजन और फॉरेंसिक लैब को एकीकृत किया गया है, जिससे विभागों के बीच बेहतर समन्वय संभव हो सकेगा।

फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए नमूनों को अब QR कोड के जरिए ट्रैक किया जाएगा। लैब अधिकारी एक क्लिक में केस की पूरी जानकारी देख सकेंगे, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हो जाएगी।

प्रदेश की देहरादून और रुद्रपुर स्थित दोनों फॉरेंसिक लैब इस प्रणाली से जुड़ चुकी हैं। अब तक 24 हजार से अधिक जांच ऑनलाइन दर्ज की जा चुकी हैं, जो डिजिटल बदलाव की दिशा में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ई-फॉरेंसिक 2.0 के लागू होने से जांच में पारदर्शिता, गति और विश्वसनीयता बढ़ेगी, जिससे न्याय वितरण प्रणाली और अधिक मजबूत होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button