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उत्तराखंड: अवसाद और नींद की बीमारी से जूझ रहे रिटायर्ड बुजुर्ग, जीवन में अचानक आए खालीपन से बढ़ रही मानसिक समस्याएं

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देहरादून। उत्तराखंड में सेवानिवृत्त बुजुर्गों के बीच अवसाद, चिंता और नींद संबंधी समस्याओं के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नौकरी से रिटायरमेंट के बाद जीवन में अचानक आए खालीपन और सामाजिक गतिविधियों में कमी के कारण कई बुजुर्ग मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।

देहरादून के जिला अस्पताल और दून मेडिकल कॉलेज में हर महीने 20 से अधिक ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां रिटायर्ड लोग डिप्रेशन और स्लीप डिसऑर्डर की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। मनोचिकित्सकों के अनुसार लंबे समय तक सक्रिय जीवन बिताने के बाद अचानक घर तक सीमित हो जाना मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि रिटायरमेंट के बाद पहचान, सामाजिक संपर्क और नियमित दिनचर्या में बदलाव के कारण बुजुर्गों में अकेलेपन की भावना बढ़ जाती है। इससे मस्तिष्क में जरूरी न्यूरो-केमिकल्स का संतुलन प्रभावित होता है, जो अवसाद और चिंता जैसी समस्याओं को जन्म देता है।

डॉक्टरों ने सलाह दी है कि रिटायर्ड बुजुर्गों को सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहना चाहिए, परिवार के साथ समय बिताना चाहिए और नियमित व्यायाम व योग को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते सही देखभाल और भावनात्मक सहयोग से इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है

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