बदरीनाथ धाम की दूरी होगी 33 किमी कम, 2027 तक तैयार होगा हेलंग-मारवाड़ी बाईपास

देहरादून/चमोली: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को और सुगम बनाने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। बदरीनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को जल्द ही लंबी दूरी और ट्रैफिक जाम से राहत मिलने वाली है। हेलंग-मारवाड़ी बाईपास के निर्माण के बाद बदरीनाथ धाम की यात्रा करीब 33 किलोमीटर कम हो जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह बाईपास ऑल वेदर रोड परियोजना का हिस्सा है और हेलंग से शुरू होकर मारवाड़ी पुल तक पहुंचेगा। इसके तैयार होने के बाद यात्रियों को ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) शहर से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे यात्रा का समय कम होगा और जाम की समस्या से भी काफी हद तक छुटकारा मिलेगा।
हेलंग-मारवाड़ी बाईपास न केवल बदरीनाथ धाम, बल्कि हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी जाने वाले यात्रियों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आएगा। इसके अलावा सामरिक दृष्टि से भी यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे चीन सीमा क्षेत्र में सेना की आवाजाही और अधिक सुगम होगी।
हालांकि, वर्ष 2023 में जोशीमठ भू-धंसाव की घटनाओं के कारण परियोजना का काम कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ था, लेकिन तकनीकी सर्वे और आवश्यक मंजूरियों के बाद निर्माण कार्य फिर से गति पकड़ चुका है।
बाईपास के पूरा होने के बाद बदरीनाथ धाम की यात्रा न केवल छोटी होगी, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, तेज और जाम-मुक्त सफर का अनुभव भी मिलेगा।



