उत्तराखंड

अमरनाथ यात्रा 2026: ‘ऑपरेशन हॉक आई’ से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत, हाईटेक निगरानी पर जोर

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अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इसी कड़ी में ‘ऑपरेशन हॉक आई’ के तहत यात्रा मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सुरक्षा बल आधुनिक तकनीक, ड्रोन निगरानी और खुफिया तंत्र की मदद से हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार यात्रा शुरू होने से पहले विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल, एरिया डोमिनेशन ऑपरेशन और एंटी-सबोटाज जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं और यात्रा मार्गों पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।

अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए RFID कार्ड, कड़ी जांच व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। यात्रा मार्गों को ‘नो-फ्लाइंग जोन’ घोषित किया गया है, जिससे किसी भी तरह की हवाई गतिविधि पर रोक रहेगी।

सुरक्षा बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। इसके अलावा त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT), आपातकालीन सहायता इकाइयों और अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को भी रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है।

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