भारत के क्रिकेट बैट उद्योग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा, UK-India FTA से मेरठ के कारोबारियों में उत्साह

भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का असर अब देश के खेल उद्योग पर भी दिखाई देने लगा है। क्रिकेट बैट निर्माण के लिए प्रसिद्ध मेरठ के कारोबारियों और निर्यातकों का मानना है कि इस समझौते से भारतीय क्रिकेट बैट उद्योग को बड़ा लाभ मिलेगा और वैश्विक बाजार में उसकी स्थिति और मजबूत होगी।
विशेष रूप से क्रिकेट बैट बनाने में इस्तेमाल होने वाली इंग्लिश विलो लकड़ी पर आयात शुल्क समाप्त होने की संभावना से उद्योग जगत में उत्साह है। कारोबारियों का कहना है कि इससे कच्चे माल की लागत कम होगी, उत्पादन बढ़ेगा और भारतीय निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनने का अवसर मिलेगा।
मेरठ लंबे समय से देश के प्रमुख खेल सामान निर्माण केंद्रों में शामिल रहा है। यहां तैयार होने वाले क्रिकेट बैट न केवल भारत बल्कि दुनिया के कई देशों में निर्यात किए जाते हैं। उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि शुल्क में राहत मिलने से गुणवत्ता युक्त बैटों का उत्पादन बढ़ेगा और निर्यात को नई गति मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, FTA का लाभ केवल बड़े निर्माताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों को भी इसका फायदा मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और खेल उपकरण उद्योग की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।



