पलामू में बंदरों के आतंक से निपटने की नई पहल, वन विभाग ने शुरू किया इमली के पेड़ लगाने का अभियान

झारखंड के पलामू जिले में बढ़ते बंदर आतंक से निपटने के लिए वन विभाग ने एक अनोखी पहल शुरू की है। मानव-बंदर संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से विभाग ने बड़े पैमाने पर इमली के पेड़ लगाने का अभियान शुरू किया है। अधिकारियों का मानना है कि प्राकृतिक भोजन की उपलब्धता बढ़ने से बंदरों का रिहायशी इलाकों की ओर रुख कम होगा।
पिछले कुछ समय से पलामू के कई गांवों और शहरी क्षेत्रों में बंदरों के उत्पात की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदर घरों और खेतों में घुसकर नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इमली के पेड़ बंदरों के पसंदीदा खाद्य स्रोतों में से एक हैं। जंगलों और वन क्षेत्रों में इन पेड़ों की संख्या बढ़ाने से बंदरों को प्राकृतिक वातावरण में ही पर्याप्त भोजन मिल सकेगा, जिससे वे आबादी वाले क्षेत्रों में कम आएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक खाद्य संसाधनों का संरक्षण मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने का एक प्रभावी और दीर्घकालिक उपाय हो सकता है। इसी सोच के तहत वन विभाग ने यह अभियान शुरू किया है।



