उत्तराखंड में शिक्षकों की तबादला प्रक्रिया अटकी, केवल गंभीर चिकित्सा और पारिवारिक मामलों को मिलेगी मंजूरी

उत्तराखंड में शिक्षकों के तबादलों की प्रक्रिया फिलहाल ठप पड़ती नजर आ रही है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष सामान्य तबादलों को मंजूरी नहीं दी जाएगी और केवल गंभीर चिकित्सा परिस्थितियों तथा विशेष पारिवारिक मामलों में ही स्थानांतरण पर विचार किया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार तबादला सत्र समाप्त होने के बाद प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की जा रही है। ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनमें शिक्षकों या उनके परिजनों की गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हों अथवा अन्य असाधारण पारिवारिक परिस्थितियां मौजूद हों।
शिक्षा विभाग का कहना है कि तबादला अधिनियम और वर्तमान नियमों के तहत ही निर्णय लिए जाएंगे। बड़ी संख्या में तबादला आवेदन लंबित हैं, लेकिन सभी आवेदनों को स्वीकृति देना संभव नहीं है। विभाग जरूरत और पात्रता के आधार पर ही मामलों का निस्तारण करेगा।
इस फैसले से तबादले की प्रतीक्षा कर रहे कई शिक्षकों को फिलहाल राहत मिलने की संभावना कम हो गई है। वहीं, विभाग का मानना है कि इससे स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बनाए रखने और शैक्षणिक व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने में मदद मिलेगी।



