पिपलकोटी सड़क चौड़ीकरण परियोजना पर WII की आपत्ति: वन्यजीवों पर असर की आशंका, वैकल्पिक योजना पर जोर

उत्तराखंड के चमोली जिले में प्रस्तावित पिपलकोटी सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) ने गंभीर आपत्ति जताई है। संस्थान का कहना है कि मौजूदा प्रस्ताव से क्षेत्र के वन्यजीव आवास, जैव विविधता और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सड़क विस्तार के लिए वैकल्पिक और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए।
WII की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित मार्ग संवेदनशील वन क्षेत्र से होकर गुजरता है, जहां कई दुर्लभ वन्यजीव प्रजातियों का आवास है। संस्थान ने चेतावनी दी है कि बड़े पैमाने पर सड़क चौड़ीकरण से वन्यजीवों की आवाजाही बाधित हो सकती है और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ने की आशंका है।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सड़क निर्माण के दौरान पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए वैज्ञानिक उपाय अपनाए जाएं। आवश्यकता पड़ने पर मार्ग में बदलाव, सीमित कटान, वन्यजीव कॉरिडोर और अन्य संरक्षण उपायों को प्राथमिकता देने की सिफारिश की गई है, ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाया जा सके।
पिपलकोटी सड़क चौड़ीकरण परियोजना चारधाम यात्रा और स्थानीय संपर्क व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, WII की आपत्तियों के बाद अब परियोजना के पर्यावरणीय पहलुओं पर गंभीरता से विचार किए जाने की संभावना है। संबंधित विभागों द्वारा रिपोर्ट का अध्ययन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



