काशी में गंगा का जलस्तर स्थिर, लेकिन बाढ़ का खतरा बरकरार; प्रशासन अलर्ट मोड पर

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ का खतरा अभी भी टला नहीं है। जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। हाल के दिनों में गंगा के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी से कई घाटों और नदी किनारे स्थित छोटे मंदिर जलमग्न हो चुके हैं, जिससे प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
प्रशासन के अनुसार, जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन यदि ऊपरी क्षेत्रों में बारिश जारी रही तो गंगा का स्तर दोबारा बढ़ सकता है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नाविकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
नगर निगम और सिंचाई विभाग की टीमें संवेदनशील इलाकों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और श्रद्धालुओं से भी नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
मानसून के सक्रिय रहने के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की आशंका बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील कर रहा है।



