उत्तराखंड में टाइप-1 डायबिटीज से जूझ रहे बच्चों के लिए राहत, सभी जिलों में शुरू हुए ‘गुब्बारा क्लिनिक’

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों के बेहतर इलाज और देखभाल के लिए राज्य के सभी जिलों में ‘गुब्बारा क्लिनिक’ शुरू कर दिए हैं। इन क्लीनिकों के माध्यम से बच्चों को निःशुल्क समग्र उपचार, इंसुलिन थेरेपी, नियमित स्वास्थ्य जांच, ग्लूकोज मॉनिटरिंग, पोषण संबंधी परामर्श और मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण बच्चों में टाइप-1 डायबिटीज के मामले बढ़ रहे हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने पूरे प्रदेश में गुब्बारा क्लिनिक स्थापित किए हैं, ताकि समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य में 1,150 टाइप-1 डायबिटीज से प्रभावित बच्चों की पहचान कर उन्हें इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा है। इन क्लीनिकों में उपचार के साथ-साथ बीमारी की रोकथाम, नियमित निगरानी और परामर्श के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि टाइप-1 डायबिटीज के उपचार में थोड़ी भी देरी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। इसलिए समय पर जांच, नियमित इंसुलिन थेरेपी और विशेषज्ञों की निगरानी बेहद आवश्यक है। सरकार का मानना है कि यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर भविष्य को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



