उत्तराखंड में डेंगू का बदला क्लीनिकल पैटर्न: पहले चरण में ही दिख रहे दूसरे स्टेज के लक्षण, डॉक्टर चिंतित

देहरादून: उत्तराखंड में डेंगू के मामलों के बीच बीमारी का क्लीनिकल पैटर्न बदलता हुआ नजर आ रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, इस बार कई मरीजों में डेंगू के दूसरे चरण में दिखाई देने वाले गंभीर लक्षण बीमारी के शुरुआती दिनों में ही सामने आ रहे हैं। इससे डॉक्टरों को मरीजों की निगरानी में अधिक सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर डेंगू में तेज बुखार, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे शुरुआती लक्षण दिखाई देते हैं। इसके बाद बीमारी के क्रिटिकल फेज में प्लेटलेट्स गिरना, रक्तस्राव, पेट दर्द और अन्य गंभीर संकेत सामने आ सकते हैं। लेकिन इस बार कुछ मरीजों में प्लेटलेट्स में तेजी से गिरावट और अन्य चेतावनी संकेत शुरुआती अवस्था में ही देखने को मिल रहे हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक, डेंगू एक गतिशील बीमारी है, जिसमें मरीज की स्थिति कुछ घंटों में भी बदल सकती है। इसलिए बुखार आने पर लापरवाही न बरतने और समय पर जांच कराने की सलाह दी जा रही है। खासतौर पर प्लेटलेट्स, ब्लड प्रेशर और शरीर में पानी की कमी की लगातार निगरानी जरूरी बताई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं और डेंगू जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर पहचान और सही इलाज से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।



