मराठा आरक्षण आंदोलन: नौवें दिन मनोज जरांगे की तबीयत बिगड़ी, इलाज और पानी लेने से किया इनकार

मुंबई: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे मनोज जरांगे पाटील की तबीयत नौवें दिन बिगड़ गई। जरांगे जालना जिले के अंतरवाली सराटी में अनशन पर बैठे हैं। रविवार को उनकी स्वास्थ्य स्थिति खराब होने के बाद समर्थकों में चिंता बढ़ गई।
बताया जा रहा है कि जरांगे ने चिकित्सा उपचार लेने से इनकार कर दिया है। उन्होंने पानी पीना भी बंद कर दिया है। लगातार अनशन के कारण उनकी हालत कमजोर होती जा रही है, जिससे समर्थकों और आंदोलनकारियों की चिंता बढ़ गई है।
मनोज जरांगे पाटील मराठा समुदाय के लिए आरक्षण और पात्र लोगों को कुणबी प्रमाणपत्र जारी करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह अपना अनशन जारी रखेंगे।
जरांगे की बिगड़ती तबीयत के बीच मराठवाड़ा के कई हिस्सों में तनाव की स्थिति बनने की आशंका भी जताई जा रही है। समर्थकों की ओर से बंद और सड़क जाम जैसे विरोध प्रदर्शनों की संभावना को लेकर भी चिंता बढ़ी है।
राज्य सरकार की ओर से जरांगे से बातचीत और उनकी मांगों पर प्रक्रिया आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, जल संसाधन मंत्री और आरक्षण उपसमिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे पाटील ने जरांगे से स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाला कदम न उठाने और उपचार स्वीकार करने की अपील की है।



