उत्तराखंड

छारछुम पुल पर भारतीय गांव के नाम का बोर्ड लगाने से नेपाल में विरोध, असिगाड़ का नाम लिखने की मांग

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पिथौरागढ़: धारचूला के छारछुम में काली नदी पर बने भारत-नेपाल मोटर पुल के उद्घाटन से पहले ही बोर्ड को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पुल पर लगाए गए स्वागत बोर्ड में भारतीय क्षेत्र के छारछुम गांव का नाम लिखे जाने पर नेपाल के स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है।

भारत और नेपाल को जोड़ने वाले इस मोटर पुल का निर्माण पूरा हो चुका है और जल्द ही इस पर आवाजाही शुरू कराने की तैयारी है। इसी क्रम में लोक निर्माण विभाग की ओर से पुल के दोनों ओर स्वागत बोर्ड लगाए गए थे। नेपाल की तरफ लगाए गए बोर्ड पर भी भारतीय गांव छारछुम का नाम दर्ज होने पर नेपाली नागरिकों ने विरोध जताते हुए वहां के स्थानीय गांव असिगाड़ का नाम लिखने की मांग की।

नेपाली संगठन ने दर्ज कराई शिकायत

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी, दार्चुला के जिला अध्यक्ष राजेश सिंह सामंत ने कहा कि नेपाल की ओर लगाए गए स्वागत बोर्ड पर भारतीय गांव का नाम लिखा जाना उचित नहीं है। उन्होंने इस संबंध में दार्चुला के मुख्य जिला अधिकारी (सीडीओ) कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है।

बोर्ड से ढका गया छारछुम का नाम

विवाद सामने आने के बाद भारतीय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। दोनों देशों के संबंधों पर इसका असर न पड़े, इसके लिए नेपाल की ओर लगे बोर्ड पर भारतीय गांव छारछुम का नाम फिलहाल ढक दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही वहां नया स्वागत बोर्ड लगाया जाएगा, जिस पर नेपाल के गांव असिगाड़ का नाम अंकित होगा।

लिपुलेख-कालापानी विवाद से भी जोड़ रहे कुछ लोग

मामले को कुछ नेपाली नागरिक लिपुलेख और कालापानी से जुड़े पुराने सीमा विवाद से भी जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि छारछुम मोटर पुल दोनों देशों के बीच संपर्क और संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाया गया है और बोर्ड से जुड़े विवाद का जल्द समाधान कर लिया जाएगा।

धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि नेपाल की तरफ लगे बोर्ड पर भारतीय गांव का नाम फिलहाल ढक दिया गया है। जल्द ही वहां दूसरा बोर्ड लगाया जाएगा, जिसमें नेपाल के गांव का नाम दर्ज होगा।

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