चारधाम यात्रा: नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ी यात्रा, 15 सितंबर से शुरू होगा दूसरा चरण; भूस्खलन बनेगी बड़ी चुनौती

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा इस बार नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है। 15 सितंबर से यात्रा का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है। यात्रा में अब तक 50 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं और सरकार को उम्मीद है कि इस वर्ष यह आंकड़ा 60 लाख तक पहुंच सकता है।
चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई थी। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद यात्रा पूरी तरह संचालित हुई। मानसून के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में कुछ कमी जरूर आई, लेकिन यात्रा लगातार जारी रही।
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 10 सितंबर तक चारधाम यात्रा में 50 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यात्रा नवंबर तक जारी रहेगी। पिछले वर्ष पूरे यात्रा सीजन में करीब 51 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए थे। ऐसे में इस बार 60 लाख का आंकड़ा पार होने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। ऋषिकेश-बदरीनाथ और केदारनाथ मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन जोन हैं। बदरीनाथ मार्ग पर कमेड़ा, पर्थाटीप, मैठाणा, बांजपुर, विरही, भनेरपानी और हाथी पहाड़ जैसे स्थानों पर मलबा और भूस्खलन यातायात के लिए चुनौती बने हुए हैं।
सरकार की ओर से दूसरे चरण की तैयारी के तहत प्रभावित क्षेत्रों में मलबा हटाने और अस्थायी कार्य शुरू कर दिए गए हैं। हालांकि, स्थायी समाधान में समय लग सकता है। 15 सितंबर के बाद यात्रा में तेजी आने के कारण इन क्षेत्रों में यातायात जाम की समस्या बढ़ने की आशंका है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार यात्रा मार्ग यातायात के लिए बहाल रखने और यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए जरूरी काम किए जा रहे हैं।



