उत्तराखंड: महेंद्र भट्ट के पैतृक गांव का बंदोबस्ती रिकॉर्ड गायब, तीन साल से भटक रहे ग्रामीण

चमोली। राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के पैतृक गांव ब्राह्मण थाला का बंदोबस्ती रिकॉर्ड राजस्व अभिलेखागार से गायब होने का मामला सामने आया है। रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रामीणों के जमीन से जुड़े कई काम प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले करीब तीन वर्षों से रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।
रिकॉर्ड नहीं मिलने से भूमि के सीमांकन, मुआवजा और पारिवारिक बंटवारे जैसे मामले अटके हुए हैं। मोहनखाल-ताली सड़क निर्माण के दौरान कुछ ग्रामीणों की जमीन सड़क में चली गई थी, लेकिन संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं होने के कारण मुआवजे की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। वहीं, कुछ ग्रामीणों को बच्चों के जाति प्रमाणपत्र बनवाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान दीपक थपलियाल के अनुसार, क्षेत्र पंचायत की बैठकों और पत्राचार के माध्यम से कई बार बंदोबस्ती रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग की गई, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन उनके नाम दर्ज होने के बावजूद पुराने बंदोबस्ती रिकॉर्ड के अभाव में स्वामित्व संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने में दिक्कत आ रही है।
डीएम ने दिए जांच के निर्देश
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने ब्राह्मण थाला का बंदोबस्ती रिकॉर्ड जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पुराने रिकॉर्ड पहले पौड़ी मुख्यालय में रखे गए थे और अब जिला मुख्यालय लाए गए हैं। उन्होंने कहा कि थाला गांव का रिकॉर्ड कहां गायब हुआ, इसकी जांच कराई जाएगी।
वहीं, महेंद्र भट्ट ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था और अब उन्हें इसकी जानकारी मिली है। ब्राह्मण थाला पोखरी ब्लॉक में स्थित है और यह महेंद्र भट्ट का पैतृक गांव है, जहां उनकी पुश्तैनी भूमि भी है।



