
देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित आंगनबाड़ी केंद्र डाकरा में लाभार्थी को वितरित की गई महालक्ष्मी किट में एक्सपायरी खाद्य सामग्री मिलने का मामला सामने आया है। सात सितंबर 2026 को लाभार्थी को किट दी गई थी, जबकि उसमें शामिल खाद्य सामग्री की वैधता 30 अगस्त को ही समाप्त हो चुकी थी।
मामला सामने आने के बाद महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है। विभाग के निदेशालय ने 25 सितंबर को सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को महालक्ष्मी किट के भंडारण और वितरण में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
निर्देशों में परियोजना कार्यालय में उपलब्ध किट और सामग्री के स्टॉक रजिस्टर को नियमित रूप से अपडेट और सत्यापित करने तथा फर्स्ट-इन-फर्स्ट-आउट (FIFO) व्यवस्था लागू करने को कहा गया है। इसके तहत पहले समाप्त होने वाली सामग्री का वितरण पहले किया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी लाभार्थी को एक्सपायरी हो चुकी खाद्य सामग्री नहीं दी जाए। साथ ही स्टॉक की नियमित समीक्षा और भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो।



