
नई दिल्ली: संभल हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी मुल्ला अफरोज को बड़ी राहत देते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत उनकी निवारक हिरासत रद्द कर दी है। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुलिस हिरासत में दिए गए कथित इकबालिया बयान को अकेले निवारक हिरासत का आधार नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने माना कि केवल इस तरह के बयान के आधार पर NSA के तहत हिरासत का आदेश जारी करना कानूनी रूप से उचित नहीं था।
यह मामला नवंबर 2024 में शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के बाद संभल में हुई हिंसा से जुड़ा है। अफरोज के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों और पुलिस हिरासत में दिए गए बयान को आधार बनाकर बाद में NSA के तहत कार्रवाई की गई थी।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अदालत में तर्क दिया गया कि अफरोज से सार्वजनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत के लिए इस्तेमाल किए गए आधार को पर्याप्त नहीं माना और हिरासत आदेश को रद्द कर दिया।



