
देहरादून में MBBS दाखिलों में फर्जी प्रमाणपत्रों के मामले को लेकर समाजसेवी प्रदीप बहुगुणा ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही परिवार के सात लोगों को चार अलग-अलग कोटे के तहत मेडिकल सीटें आवंटित की गईं।
बहुगुणा के अनुसार, इनमें दो लोगों को OBC स्वतंत्रता सेनानी, एक को SC स्वतंत्रता सेनानी और एक को सामान्य स्वतंत्रता सेनानी कोटे की सीट मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ही परिवार के सदस्यों को अलग-अलग जाति और श्रेणी के प्रमाणपत्र कैसे जारी हुए।
उन्होंने प्रदेशभर में करीब 370 छात्रों के फर्जी प्रमाणपत्र होने की आशंका जताते हुए इसकी सूची चिकित्सा शिक्षा मंत्री को सौंपने का दावा किया। बहुगुणा के मुताबिक, बाद में ऊधमसिंह नगर में जांच के दौरान 20 छात्र फर्जी पाए गए, जिनमें 12 की गिरफ्तारी हुई।
गौरतलब है कि MBBS प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े में अब तक 19 अभ्यर्थियों के दाखिले रद्द किए जा चुके हैं। विश्वविद्यालय के अनुसार, दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित जिला प्रशासन से कराया जा रहा है।



