मुजफ्फरपुर: नेपाल तक 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन से उत्तर बिहार को मिलेगा पावर बूस्ट, बिजली व्यवस्था में आएगी क्रांति

बिहार के मुजफ्फरपुर से नेपाल तक बनने जा रही 400 केवी डीसी ट्रांसमिशन लाइन उत्तर बिहार की बिजली व्यवस्था के लिए गेमचेंजर साबित होने जा रही है। भारत-नेपाल ऊर्जा सहयोग के तहत इस परियोजना को नई गति मिली है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति मजबूत होगी और उत्तर बिहार को बड़ा पावर बूस्ट मिलेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह हाई-कैपेसिटी ट्रांसमिशन लाइन सीमा पार बिजली व्यापार, ग्रिड स्थिरता और ऊर्जा आदान-प्रदान क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, दरभंगा और आसपास के जिलों में बिजली की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद पीक डिमांड के समय बिजली संकट में कमी आएगी, साथ ही औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को भी निर्बाध बिजली मिल सकेगी। नेपाल से अतिरिक्त जलविद्युत आपूर्ति का लाभ सीधे उत्तर बिहार के उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा।
यह ट्रांसमिशन लाइन भारत-नेपाल के बीच पहले से संचालित धलकेबार-मुजफ्फरपुर पावर कॉरिडोर की क्षमता को और मजबूत करेगी। सरकार का फोकस आने वाले वर्षों में क्रॉस-बॉर्डर पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर को और विस्तार देने पर है, ताकि बिहार समेत पूर्वी भारत के राज्यों को स्थिर बिजली आपूर्ति मिल सके।


