देहरादून: फर्जी अधिकारी बनकर रिश्वत मांगने के आरोपी ऋषि की 7 दिन की कस्टडी रिमांड मांगी, CBI ने कोर्ट में रखा पक्ष

देहरादून में खुद को केंद्र सरकार का अधिकारी बताकर लोन स्वीकृत कराने के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मुख्य आरोपी प्रभु दयाल उर्फ ऋषि गुप्ता की सात दिन की कस्टडी रिमांड की मांग की है। सीबीआई ने आरोपी को अदालत में पेश करते हुए कहा कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच और पूछताछ अभी बाकी है।
सीबीआई के अनुसार, आरोपी ने खुद को नई दिल्ली स्थित पशुपालन एवं डेयरी विभाग का अधिकारी बताकर ऊधम सिंह नगर के एक पोल्ट्री फार्म संचालक से 22.50 लाख रुपये का लोन मंजूर कराने के बदले 45 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। जांच के दौरान आरोपी ने पहली किस्त के रूप में पांच हजार रुपये अपने सहयोगी के बैंक खाते में क्यूआर कोड के माध्यम से मंगवाए थे। इस मामले में उसके एक सहयोगी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। सीबीआई यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इसी तरह कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इस गिरोह में उसके साथ कौन-कौन शामिल थे। इसके अलावा बरामद दस्तावेजों, मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
सीबीआई ने अदालत से कहा कि मामले की गहन जांच और अन्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए आरोपी की कस्टडी आवश्यक है। वहीं, अदालत में रिमांड याचिका पर सुनवाई के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस मामले को लेकर जांच एजेंसी लगातार कार्रवाई कर रही है और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।



