लोकसभा में पेश आंकड़े: पंजाब में बेरोजगारी दर घटी, फिर भी राष्ट्रीय औसत से अधिक

चंडीगढ़: पंजाब में बेरोजगारी दर में पिछले वर्षों की तुलना में कमी दर्ज की गई है, लेकिन यह अब भी राष्ट्रीय औसत से ऊपर बनी हुई है। यह जानकारी केंद्र सरकार ने लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के माध्यम से दी। सरकार के अनुसार, रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनका असर धीरे-धीरे दिखाई दे रहा है।
लोकसभा में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य में बेरोजगारी की स्थिति में सुधार हुआ है, हालांकि राष्ट्रीय स्तर की तुलना में पंजाब की दर अभी भी अधिक है। युवाओं, विशेषकर 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग में बेरोजगारी की चुनौती अपेक्षाकृत अधिक बनी हुई है।
केंद्र सरकार ने बताया कि रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए स्किल इंडिया मिशन, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) और अन्य कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि इन पहलों से रोजगार बाजार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब में बेरोजगारी की दर को और कम करने के लिए औद्योगिक निवेश बढ़ाने, निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करने तथा कौशल आधारित प्रशिक्षण को मजबूत करने की आवश्यकता है। सरकार का कहना है कि रोजगार से जुड़े संकेतकों की लगातार निगरानी की जा रही है और भविष्य में भी रोजगार बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।



