उत्तराखंड SIR: बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के घर पहुंचेंगे BLO, घर पर ही होगी नोटिसों की सुनवाई

उत्तराखंड में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)-2026 के तहत निर्वाचन आयोग ने वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को बड़ी राहत दी है। अब 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं को मतदाता सूची संबंधी नोटिसों की सुनवाई के लिए निर्वाचन कार्यालय या केंद्रों पर नहीं जाना होगा। उनकी सुविधा के लिए बूथ लेवल अधिकारी (BLO) सीधे उनके घर पहुंचकर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के आयुक्तों तथा सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए SIR अभियान की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी बुजुर्ग या दिव्यांग मतदाता को केवल नोटिस के निस्तारण के लिए अनावश्यक रूप से मतदान केंद्र या सुनवाई स्थल न बुलाया जाए।
निर्वाचन आयोग ने दोनों मंडलों के आयुक्तों को SIR अभियान की निगरानी के लिए जिलों में सुपर-चेकिंग करने के भी निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरा करना है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी शिकायतों और नोटिसों का समय पर निस्तारण हो।
राज्य में SIR अभियान के तहत मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन किया जा रहा है। आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करते हुए मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना है। इसी क्रम में बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर-घर जाकर सुनवाई की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।



