उत्तराखंड SIR: एक मतदाता की आपत्ति पर शुरू हुई जांच, पांच से अधिक वोटों पर आपत्ति दर्ज कराने का मामला सामने आया

उत्तराखंड में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)-2026 के दौरान मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों को लेकर निर्वाचन आयोग सतर्क हो गया है। एक मतदाता द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक यानी पांच से ज्यादा मतदाताओं पर आपत्ति दर्ज कराने का मामला सामने आने के बाद निर्वाचन विभाग ने जांच शुरू कर दी है। आयोग यह पता लगाएगा कि शिकायत नियमों के तहत दर्ज की गई थी या नहीं।
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, SIR प्रक्रिया के दौरान कोई भी मतदाता अधिकतम पांच मामलों में ही आपत्ति दर्ज करा सकता है। यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि किसी व्यक्ति द्वारा बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कर प्रक्रिया का दुरुपयोग न किया जा सके। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित सीमा से अधिक आपत्तियां दर्ज करता है तो उसकी जांच की जाती है और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
राज्य निर्वाचन विभाग ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। जांच में यह देखा जाएगा कि आपत्तियां किस आधार पर दर्ज की गईं और कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। इसी कारण दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया को नियमों के तहत संचालित किया जा रहा है ताकि किसी भी पात्र मतदाता के अधिकार प्रभावित न हों और फर्जी या गलत प्रविष्टियों को हटाया जा सके।



