उत्तराखंड में बदला बारिश का पैटर्न: पहाड़ों से ज्यादा मैदानी इलाकों में बरस रहे बादल, 41 साल के अध्ययन में खुलासा

देहरादून। उत्तराखंड में मानसूनी बारिश के पैटर्न में बड़ा बदलाव सामने आया है। 41 वर्षों के बारिश के आंकड़ों के अध्ययन में पता चला है कि अब मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों की तुलना में मैदानी इलाकों में भारी बारिश के दिन अधिक दर्ज हो रहे हैं। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह और मौसम विज्ञानी रोहित थपलियाल के इस अध्ययन से जुड़े शोध पत्र को अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
शोधकर्ताओं ने वर्ष 1983 से 2023 तक के मानसूनी बारिश के आंकड़ों का विश्लेषण किया। अध्ययन में मैदानी क्षेत्रों के प्रतिनिधि के तौर पर देहरादून और पंतनगर तथा पहाड़ी क्षेत्रों के लिए मुक्तेश्वर और टिहरी को शामिल किया गया। आंकड़ों के मुताबिक भारी, बहुत भारी और अत्यधिक भारी बारिश वाले दिनों की औसत संख्या देहरादून में 7.1 दिन रही। पंतनगर में यह आंकड़ा 4.2 दिन, मुक्तेश्वर में 2.3 दिन और टिहरी में 1.7 दिन रहा।
मैदानी क्षेत्रों में चरम बारिश का हिस्सा अधिक
अध्ययन में भारी, बहुत भारी और अत्यधिक भारी बारिश को मिलाकर चरम बारिश की श्रेणी बनाई गई। मानसून के दौरान कुल बारिश में इस तरह की बारिश का औसत योगदान देहरादून में 37 फीसदी रहा। पंतनगर में यह 33 फीसदी, मुक्तेश्वर में 24 फीसदी और टिहरी में 19 फीसदी दर्ज किया गया। इससे संकेत मिलता है कि अध्ययन में शामिल मैदानी केंद्रों पर मानसूनी बारिश का बड़ा हिस्सा भारी या उससे अधिक तीव्रता वाली बारिश के रूप में दर्ज हो रहा है।
जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश
उत्तराखंड में जुलाई और अगस्त मानसून के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण महीने हैं। राज्य में जुलाई के दौरान औसतन 417.8 मिलीमीटर और अगस्त में 385.7 मिलीमीटर बारिश होती है। इन दोनों महीनों में भारी बारिश वाले दिनों की संख्या भी अधिक रहती है।
सालाना बारिश का 79 फीसदी हिस्सा मानसून में
अध्ययन के अनुसार उत्तराखंड में सालभर होने वाली औसत बारिश 1477.6 मिलीमीटर है। इसमें करीब 79 फीसदी यानी 1162.7 मिलीमीटर बारिश जून से सितंबर के दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान होती है। ऐसे में मानसूनी बारिश के पैटर्न में होने वाले बदलाव राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। भारी बारिश से बाढ़, भूस्खलन और अन्य जल एवं भू-वैज्ञानिक आपदाओं का खतरा बढ़ता है।
हल्की बारिश वाले दिन बढ़े
शोध में यह भी सामने आया कि देहरादून, मुक्तेश्वर और पंतनगर में बहुत हल्की बारिश वाले दिनों में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है। वहीं देहरादून, मुक्तेश्वर और टिहरी में सूखे दिनों में मामूली कमी दर्ज की गई। हालांकि, बारिश की अन्य श्रेणियों में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं पाया गया।



