9 साल बाद चीन पहुंचे ट्रंप, 6 बड़ी बैठकें हुईं लेकिन खाली हाथ लौटे; कोई बड़ा समझौता नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का चीन दौरा इस बार काफी चर्चाओं में रहा, लेकिन तमाम बैठकों और दावों के बावजूद कोई बड़ा समझौता सामने नहीं आ सका। करीब 9 साल बाद चीन पहुंचे ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा की, मगर यात्रा के अंत तक दोनों देशों के बीच किसी बड़ी डील का औपचारिक ऐलान नहीं हुआ।
बीजिंग में ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच व्यापार, ताइवान, ईरान युद्ध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टैरिफ जैसे मुद्दों पर करीब 6 दौर की बैठकें हुईं। हालांकि अमेरिकी पक्ष ने कुछ संभावित व्यापारिक समझौतों का दावा किया, लेकिन चीन की ओर से किसी ठोस डील की पुष्टि नहीं की गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने दावा किया कि चीन अमेरिकी तेल, सोयाबीन और Boeing विमानों की खरीद पर सहमत हुआ है, लेकिन इन समझौतों की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। विश्लेषकों का कहना है कि यह दौरा ज्यादा “प्रतीकात्मक” रहा और इससे दोनों देशों के रिश्तों में कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं दिया।
चीन ने इस दौरान ताइवान मुद्दे पर अपना सख्त रुख दोहराया। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साफ कहा कि ताइवान से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की गलत रणनीति दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा सकती है। वहीं ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं दिखाई।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह यात्रा उम्मीदों के मुकाबले काफी फीकी रही। वैश्विक व्यापार, ईरान संकट और अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा जैसे बड़े मुद्दों पर कोई ठोस प्रगति नहीं हो पाई।



