टिहरी बांध का जलस्तर न्यूनतम स्तर पर, बिजली उत्पादन हुआ प्रभावित

टिहरी: उत्तराखंड के टिहरी बांध का जलस्तर न्यूनतम स्तर पर पहुंचने से बिजली उत्पादन प्रभावित होने लगा है। बांध से सिंचाई और पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण जलाशय में पानी का स्तर काफी नीचे आ गया है।
जानकारी के अनुसार, झील से करीब 140 क्यूमेक्स पानी सिंचाई और पेयजल आपूर्ति के लिए छोड़ा जा रहा है। जलस्तर में गिरावट का सीधा असर जलविद्युत उत्पादन पर पड़ा है और बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है।
टिहरी बांध उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि कई राज्यों के लिए बिजली, सिंचाई और पेयजल का प्रमुख स्रोत है। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान जलस्तर में सुधार की उम्मीद है, जिससे बिजली उत्पादन फिर सामान्य हो सकता है।
प्रशासन और संबंधित एजेंसियां लगातार जलस्तर की निगरानी कर रही हैं और जल प्रबंधन के जरिए आवश्यक सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने का प्रयास कर रही हैं।



