नैनीताल का ऐतिहासिक रैमजे अस्पताल बदहाली की भेंट, वार्ड और ओटी पर जड़े ताले

नैनीताल: ब्रिटिश काल में स्थापित नैनीताल का ऐतिहासिक रैमजे अस्पताल आज बदहाली और उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। करीब 27 एकड़ क्षेत्र में फैले इस अस्पताल के वार्ड, ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और कार्यालयों पर ताले लटके हुए हैं, जबकि अंदर रखे बिस्तर और अन्य संसाधन भी जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं।
अस्पताल की मौजूदा स्थिति देखकर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने गहरी चिंता जताई है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं लगभग ठप पड़ी हैं और भवन का अधिकांश हिस्सा उपयोग से बाहर है। कई हिस्सों में सन्नाटा पसरा हुआ है और रखरखाव के अभाव में अस्पताल की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र रहा रैमजे अस्पताल आज अपनी पहचान खोता जा रहा है। अस्पताल के पुनर्जीवन और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की मांग लंबे समय से उठती रही है, लेकिन अब तक स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
रैमजे अस्पताल की दुर्दशा ने एक बार फिर राज्य में स्वास्थ्य ढांचे और ऐतिहासिक संस्थानों के संरक्षण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों ने सरकार से अस्पताल को पुनः विकसित कर आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और इसे फिर से आम जनता के लिए पूरी क्षमता के साथ संचालित करने की मांग की है।



