हरिद्वार तक बनेगा गंगा एक्सप्रेसवे, यूपी-उत्तराखंड के बीच समझौता; दोनों राज्यों की भूमिका तय

उत्तराखंड पर नहीं पड़ेगा निर्माण का वित्तीय भार, भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग में राज्य करेगा सहयोग
देहरादून: गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक जोड़ने का रास्ता अब साफ हो गया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच समझौता (एमओयू) हो चुका है। समझौते में दोनों राज्यों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की गई हैं।
प्रस्तावित मार्ग बिजनौर से होते हुए करीब 30 किलोमीटर लंबा होगा। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के पास है। उत्तराखंड में बनने वाले इस हिस्से के निर्माण का वित्तीय भार राज्य सरकार पर नहीं पड़ेगा।
समझौते के अनुसार, उत्तराखंड सरकार परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग में सहयोग करेगी। दोनों राज्यों के बीच इस संबंध में अधिकारियों की बैठकें भी हो चुकी हैं और हरिद्वार जिला प्रशासन के साथ भी परियोजना को लेकर चर्चा की गई है।
धार्मिक पर्यटन और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इससे धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है। इसके साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना भी जताई जा रही है।
उत्तराखंड सरकार की ओर से इस परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब दोनों राज्यों के स्तर पर आगे की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। परियोजना के आकार लेने के साथ हरिद्वार को एक्सप्रेसवे नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।



