उत्तराखंड में हाईकोर्ट बेंच से बदलेगी तराई-भाबर की तस्वीर, रुद्रपुर-पंतनगर में विकास की नई उम्मीद

उत्तराखंड में नैनीताल हाईकोर्ट की प्रस्तावित बेंच को हल्द्वानी के बेलबाबा क्षेत्र में स्थापित करने की योजना से तराई-भाबर क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं बनने की उम्मीद है। इसका सबसे बड़ा असर रुद्रपुर और पंतनगर पर पड़ सकता है। हाईकोर्ट से जुड़ी न्यायिक गतिविधियां बढ़ने के साथ क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
प्रस्तावित हाईकोर्ट बेंच के लिए बेलबाबा क्षेत्र में परिसर, पार्किंग और आवासीय सुविधाओं के विकास की जरूरत होगी। इसके साथ ही सड़क, बिजली, पानी और सीवरेज जैसी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा सकता है। रुद्रपुर-हल्द्वानी मार्ग और पंतनगर एयरपोर्ट से हाईकोर्ट परिसर तक बेहतर कनेक्टिविटी विकसित होने की उम्मीद है। वादकारियों और अधिवक्ताओं की आवाजाही को देखते हुए बस, शटल और टैक्सी सेवाओं का विस्तार भी हो सकता है।
जमीन और कारोबार की बढ़ सकती है मांग
हाईकोर्ट बेंच के आसपास न्यायिक और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से जमीन और व्यावसायिक संपत्तियों की मांग बढ़ सकती है। अधिवक्ताओं के चैंबर, कार्यालय, होटल, गेस्ट हाउस, रेस्तरां और अन्य कारोबार के लिए नई संभावनाएं पैदा हो सकती हैं। इसका लाभ रुद्रपुर और पंतनगर के रियल एस्टेट क्षेत्र को भी मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय अधिवक्ताओं और कारोबारियों को फायदा
वर्तमान में ऊधमसिंह नगर के कई वादकारियों और अधिवक्ताओं को मामलों के सिलसिले में नैनीताल जाना पड़ता है। प्रस्तावित बेंच नजदीक आने से यात्रा में लगने वाला समय और खर्च कम हो सकता है। स्थानीय अधिवक्ताओं के लिए प्रैक्टिस के अवसर बढ़ने के साथ टाइपिस्ट, स्टांप विक्रेता, दस्तावेज लेखक, होटल-रेस्तरां संचालक और अन्य सेवा क्षेत्रों में भी रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
हल्द्वानी और नैनीताल पर भी पड़ेगा असर
हाईकोर्ट की गतिविधियों के हल्द्वानी स्थानांतरित होने से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के अवसरों में विस्तार की उम्मीद है। वहीं, नैनीताल की अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ सकता है, क्योंकि हाईकोर्ट से जुड़े अधिवक्ताओं, कर्मचारियों, होटल-टैक्सी कारोबार और अन्य व्यवसायों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है।



