भानियावाला–ऋषिकेश फोरलेन परियोजना: पेड़ कटान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना याचिका की खारिज

भानियावाला–ऋषिकेश फोरलेन परियोजना के तहत पेड़ों की कटाई को लेकर दायर अवमानना याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान माना कि इस मामले में अवमानना की कार्रवाई का आधार नहीं बनता, जिसके बाद याचिका को निरस्त कर दिया गया।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि फोरलेन परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करते हुए की जा रही है। हालांकि, सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना याचिका को स्वीकार करने से इनकार करते हुए इसे खारिज कर दिया।
भानियावाला–ऋषिकेश फोरलेन परियोजना लंबे समय से पर्यावरणीय और विकास संबंधी बहस का केंद्र बनी हुई है। परियोजना के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है, जिसका पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र की जैव विविधता और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सरकार का कहना है कि यह परियोजना ऋषिकेश और देहरादून के बीच यातायात को सुगम बनाने, सड़क सुरक्षा बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवमानना याचिका खारिज किए जाने के बाद फिलहाल परियोजना से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया में NHAI को राहत मिली है, हालांकि परियोजना को लेकर पर्यावरणीय चिंताएं और विरोध अभी भी जारी हैं।



