रद्दी से बनी कठपुतलियां देंगी पर्यावरण संरक्षण का संदेश, उत्तरकाशी के छात्र 15 अगस्त पर करेंगे विशेष मंचन
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के राजकीय इंटर कॉलेज साल्ड के छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है। विद्यालय के विद्यार्थियों ने घर में पड़े बेकार और रद्दी सामान से आकर्षक कठपुतलियां तैयार की हैं, जिनके माध्यम से वे समाज को पेड़ों और पर्यावरण बचाने का संदेश देंगे। इस विशेष पपेट शो का पहला मंचन स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त को किया जाएगा।
विद्यालय के शिक्षक प्रेम सिंह कटारिया (पीएस कटारिया) के मार्गदर्शन में 10 विद्यार्थियों की टीम ‘वृक्ष गाथा’ नामक पपेट शो तैयार कर रही है। इस प्रस्तुति का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण, वृक्षों के महत्व और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देना है। खास बात यह है कि शो में इस्तेमाल की गई सभी कठपुतलियां बाजार से खरीदी नहीं गईं, बल्कि पुराने और अनुपयोगी सामान को नया रूप देकर बनाई गई हैं।
पीएस कटारिया ने बताया कि कठपुतली कला धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। इसी कला को जीवंत रखने और विद्यार्थियों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए इस पहल की शुरुआत की गई। उन्होंने छात्रों को कठपुतली निर्माण का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर आधारित नाटक भी तैयार कराया। इस पपेट शो में कक्षा 10 की छात्रा आराधना नेगी सह-निर्देशक की भूमिका निभा रही हैं, जबकि अन्य छात्र भी सक्रिय रूप से इसमें भाग ले रहे हैं।
विद्यालय प्रशासन का लक्ष्य इस नवाचार को जिला स्तर से आगे बढ़ाकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहचान दिलाना है। भविष्य में कठपुतली कला के माध्यम से सामाजिक जागरूकता से जुड़े अन्य विषयों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिक्षकों का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, सीखने की क्षमता और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित होगी, साथ ही पारंपरिक लोककला को भी नई पहचान मिलेगी।



