हरियाणा: कौशल विश्वविद्यालय भर्ती में अनियमितता के आरोप, दो पदों के विज्ञापन से पहले बदले गए योग्यता मानक

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में वर्ष 2020 में वरिष्ठ कौशल प्रशिक्षक और मास्टर कौशल प्रशिक्षक के एक-एक पद पर हुई भर्ती को लेकर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। विभागीय जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद रिपोर्ट महानिदेशक, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण के स्तर पर आगे की कार्रवाई के लिए विचाराधीन है।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पदों के लिए 2018 में कार्यकारी परिषद द्वारा स्वीकृत योग्यता और 2020 में विज्ञापन से पहले तय किए गए नए मानकों में अंतर पाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ तकनीकी और संस्थान की मान्यता से जुड़ी शर्तें बाद के मानदंडों से हटा दी गईं, जिससे किसी खास अभ्यर्थी को लाभ मिलने की आशंका जताई गई।
इन दोनों पदों के लिए कुल 45 आवेदन प्राप्त हुए थे। लिखित और कौशल परीक्षा के बाद जुलाई 2022 में साक्षात्कार और परिणाम घोषित किया गया। जांच के अनुसार, चयनित दोनों अभ्यर्थी पहले से विश्वविद्यालय में अनुबंध के आधार पर काम कर रहे थे।
साक्षात्कार के अंकों पर भी उठे सवाल
जांच रिपोर्ट में साक्षात्कार के अंकों में भी असमानता का उल्लेख किया गया है। सात अभ्यर्थियों की अंकतालिका में चयनित अभ्यर्थियों को 17 और 15 अंक मिले, जबकि अन्य अभ्यर्थियों को 5.14 से 6.29 अंक के बीच दिए गए। जांच अधिकारी ने इस अंतर पर संदेह जताया है।
इसके अलावा, एक चयनित महिला अभ्यर्थी को दस्तावेज जांच के दौरान पहले अपात्र घोषित किया गया था, लेकिन बाद में नई सूची में पात्र कर दिया गया। जांच रिपोर्ट में उसके अनुभव और शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी शर्तों पर भी सवाल उठाए गए हैं।
रिपोर्ट में वरिष्ठ कौशल प्रशिक्षक पद के लिए अनुभव संबंधी मानकों और वेतनमान में भी विसंगतियां दर्ज की गई हैं। वहीं, भर्ती में पक्षपात और भाई-भतीजावाद के आरोपों की भी जांच की गई है। विभागीय रिपोर्ट के आधार पर अब आगे की कार्रवाई का इंतजार है।



