Jharkhand Student Protest: JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का विधानसभा घेराव, बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े छात्र; पुलिस ने छोड़ी पानी की बौछार

रांची: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। बड़ी संख्या में छात्र रांची में झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करने निकले। प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
छात्रों का यह आंदोलन कई दिनों से जारी है। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में कथित परीक्षा अनियमितताओं की सीबीआई जांच, 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करना और JPSC-JSSC की भर्ती एवं परीक्षा प्रक्रिया में सुधार शामिल हैं।
विधानसभा घेराव के लिए जुटे हजारों अभ्यर्थी
सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र पुराने विधानसभा परिसर के पास जुटे। छात्र नेताओं ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाने की अपील की थी। इसके बाद छात्र विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगा और विभिन्न मांगों से जुड़े पोस्टर-बैनर नजर आए।
प्रशासन ने विधानसभा परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई थी। हालांकि, छात्रों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की और कई जगह बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने पानी की बौछार कर भीड़ को रोकने का प्रयास किया।
सरकार के साथ बातचीत बेनतीजा
छात्र प्रतिनिधियों और सरकार के बीच मांगों को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन सीबीआई जांच की मांग सहित प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का फैसला लिया।
वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों की मांगों पर संवाद और पारदर्शिता का भरोसा जताया है। सरकार की ओर से मामले में जांच और उचित कार्रवाई की बात कही जा रही है, जबकि छात्र सीबीआई जांच की मांग पर कायम हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
छात्रों के विधानसभा मार्च को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। विधानसभा के आसपास निषेधाज्ञा लागू की गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की स्थिति में कार्रवाई की जाएगी।



