
नई दिल्ली: दिल्ली में अब एनालॉग पनीर को ‘पनीर’ के नाम से बनाने और बेचने पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक (बिक्री पर प्रतिषेध और निर्बंधन) विनियम, 2011 में संशोधन का मसौदा जारी किया है।
FSSAI के प्रस्ताव के अनुसार, दूध से प्राप्त घटकों से नहीं बने उत्पादों को ‘पनीर’ नाम से बेचने या उनके लेबल और मार्केटिंग में ‘पनीर’ शब्द का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। ‘एनालॉग इन डेयरी कॉन्टेक्स्ट’ श्रेणी में पहले से लाइसेंस या पंजीकृत उत्पादों को भी अपने नाम, लेबल और प्रचार सामग्री में बदलाव करना होगा।
FSSAI ने मसौदा अधिसूचना पर आम लोगों और संबंधित पक्षों से राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से 60 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। सुझावों पर विचार के बाद संशोधन को अंतिम रूप दिया जाएगा।
एनालॉग पनीर में पारंपरिक दूध आधारित पनीर की जगह वनस्पति वसा, स्टार्च और अन्य घटकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। FSSAI के इस कदम का उद्देश्य ऐसे उत्पादों की सही पहचान सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को उत्पाद की प्रकृति व संरचना के बारे में भ्रमित होने से रोकना है।



