तमक नाला बना प्रशासन और BRO के लिए मुसीबत, कई वर्षों से ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे पर बना हुआ है संकट

चमोली। चीन सीमा से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे पर तमक नाला लंबे समय से प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (BRO) के लिए चुनौती बना हुआ है। तमक नाले में अचानक बढ़ने वाला जलप्रवाह और आपदाओं के कारण इस सामरिक मार्ग पर बार-बार आवाजाही बाधित होती रही है। हाल ही में वैली ब्रिज बहने की घटना के बाद एक व्यक्ति लापता हो गया, जिसके बाद NDRF, SDRF, सेना, ITBP, BRO और जिला प्रशासन की टीमें संयुक्त रूप से तलाश अभियान में जुटी हैं।
तमक नाला नीति घाटी को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित है। यह सड़क भारत-चीन सीमा के साथ-साथ सीमांत गांवों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। इससे पहले भी इस मार्ग पर भूस्खलन, बोल्डर गिरने और भारी मलबे के कारण कई बार यातायात बाधित हो चुका है। मई में भी लाता और सालधार क्षेत्र के पास भूस्खलन के चलते नीति-मलारी हाईवे बंद हो गया था और BRO को मलबा हटाकर मार्ग बहाल करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
तमक नाले में बढ़ते जलप्रवाह से खतरा
मानसून के दौरान तमक नाले में अचानक पानी बढ़ने से आसपास के क्षेत्र में खतरा बढ़ जाता है। हालिया घटना में अत्यधिक जलप्रवाह के कारण वैली ब्रिज बह गया। इसके बाद ज्योतिर्मठ-मलारी मार्ग पर यातायात को लेकर भी प्रशासन को सतर्कता बरतनी पड़ी। प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य के लिए विभिन्न एजेंसियों को लगाया गया है।
सामरिक लिहाज से बेहद अहम है हाईवे
ज्योतिर्मठ-मलारी मार्ग केवल स्थानीय लोगों की आवाजाही का साधन नहीं है, बल्कि भारत-चीन सीमा तक पहुंचने वाला रणनीतिक मार्ग भी है। सीमा क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों और सीमांत गांवों के लिए इस सड़क की निर्बाध आवाजाही बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में तमक नाले के कारण बार-बार पैदा होने वाली बाधा प्रशासन और BRO के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।



