Nepal Deportation: नेपाल से निकाले गए विदेशियों में चीनी नागरिक सबसे ज्यादा, पांच साल में 695 हुए निर्वासित

काठमांडू: नेपाल में आव्रजन नियमों के उल्लंघन पर विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई के आंकड़ों में चीनी नागरिक सबसे ऊपर हैं। नेपाल के आव्रजन विभाग के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच 695 चीनी नागरिकों को देश से निर्वासित किया गया। इन लोगों पर वीजा नियमों के उल्लंघन, निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने जैसे आरोप थे।
आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में नेपाल ने कुल 523 विदेशी नागरिकों को निर्वासित किया। इनमें 120 चीनी नागरिक थे, जो कुल निर्वासन का करीब 22.94 प्रतिशत है। इससे पहले 2023 में चीनी नागरिकों का आंकड़ा और भी अधिक रहा। उस साल नेपाल से कुल 454 विदेशी नागरिकों को बाहर किया गया था, जिनमें 209 चीनी नागरिक थे।
वीजा नियमों का उल्लंघन बना बड़ी वजह
नेपाल का आव्रजन विभाग विदेशी नागरिकों को वीजा शर्तों का उल्लंघन करने, तय अवधि से अधिक समय तक रहने और देश में अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर निर्वासित करता है। कार्रवाई से पहले संबंधित मामलों में निर्धारित जुर्माना भी लगाया जाता है।
नेपाल के पिछले आंकड़ों में भी चीनी नागरिकों की संख्या सबसे अधिक रही है। 2025 के दौरान निर्वासित किए गए 120 चीनी नागरिकों के मामलों में आव्रजन नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ कुछ मामलों में आपराधिक गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया है।
2022 में सबसे ज्यादा विदेशी नागरिक हुए निर्वासित
आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच नेपाल में विदेशी नागरिकों के निर्वासन की संख्या में साल-दर-साल उतार-चढ़ाव रहा। 2022 में सबसे ज्यादा 570 विदेशी नागरिकों को देश से बाहर किया गया, जबकि 2021 में यह संख्या 218 रही। वर्ष 2025 में 523 विदेशी नागरिकों को निर्वासित किया गया, जो पांच साल के वार्षिक औसत से करीब 15 प्रतिशत अधिक है।



