उत्तराखंड में पहली बार कैमरा ट्रैप में कैद हुआ हिम तेंदुआ, धौलाधार वन्यजीव अभयारण्य में बड़ी उपलब्धि

देहरादून: उत्तराखंड के वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। धौलाधार वन्यजीव अभयारण्य में पहली बार कैमरा ट्रैप के जरिए हिम तेंदुए (Snow Leopard) की तस्वीर रिकॉर्ड की गई है। यह दुर्लभ वन्यजीव की मौजूदगी का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जा रहा है और इससे क्षेत्र में जैव विविधता को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।
वन विभाग द्वारा लगाए गए कैमरा ट्रैप में हिम तेंदुए की गतिविधि दर्ज होने के बाद विशेषज्ञों और वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह है। हिम तेंदुआ हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाने वाला बेहद दुर्लभ और शर्मीला शिकारी है, जिसे अक्सर ‘पहाड़ों का भूत’ भी कहा जाता है। कैमरा ट्रैप तकनीक के जरिए ऐसे वन्यजीवों की मौजूदगी और उनकी गतिविधियों की निगरानी करना आसान हो गया है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, किसी क्षेत्र में हिम तेंदुए की मौजूदगी वहां के पारिस्थितिकी तंत्र के स्वस्थ होने का संकेत मानी जाती है। यह प्रजाति ऊंचाई वाले हिमालयी इलाकों में रहती है और इसके संरक्षण के लिए लगातार निगरानी और वैज्ञानिक अध्ययन किए जा रहे हैं।
कैमरा ट्रैप से मिली इस तस्वीर के बाद वन विभाग क्षेत्र में हिम तेंदुए के आवास, आवाजाही और व्यवहार को समझने के लिए आगे भी निगरानी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज संरक्षण प्रयासों को मजबूती देने के साथ-साथ हिमालयी वन्यजीवों के अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
हिम तेंदुए की यह दुर्लभ तस्वीर उत्तराखंड के वन्यजीव संरक्षण के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।



