मालेगांव ब्लास्ट केस: बॉम्बे हाईकोर्ट ने चार आरोपियों को किया बरी, जांच पर उठे सवाल

मालेगांव ब्लास्ट केस में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने निचली अदालत द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें राहत दी।
यह मामला साल 2006 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए बम धमाकों से जुड़ा है, जिसमें 30 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि विभिन्न जांच एजेंसियों—ATS और NIA—की जांच में गंभीर विरोधाभास पाए गए, जिनके कारण आरोपों को साबित करना संभव नहीं हो सका।
इस फैसले के बाद स्थिति यह बन गई है कि अब इस मामले में कोई भी आरोपी ट्रायल का सामना नहीं कर रहा है, जिससे पूरे केस की दिशा और भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
गौरतलब है कि इस केस में पहले भी कई आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी किया जा चुका है। लंबे समय से चल रहे इस मामले में लगातार बदलती जांच और कानूनी पेचीदगियों ने इसे जटिल बना दिया है।



